
वह प्रतिभा जो भारत नहीं जुटा पाता, उसके सबसे मूल्यवान व्यवसाय को खतरे में डाल रही है
भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) की प्रमुख कहानी पिछले एक दशक से लगभग बेदाग सफलता की रही है — 1,900 से अधिक परिचालन केंद्र, आठ उद्योगों में उपस्थिति, और 100 अरब डॉलर के आर्थिक योगदान की महत्वाकांक्षा। लेकिन इस तेज़ विकास के नीचे एक गहरी दरार छुपी है जिसे यह क्षेत्र महीनों से समझने की कोशिश कर रहा है: आज GCC को जिस प्रतिभा की ज़रूरत है, वह भारत पर्याप्त मात्रा में तैयार नहीं कर पा रहा।
Valeria Cruz9 मिनट

















